सिक्किम, 15 मई।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सिक्किम दौरे के दूसरे दिन नाम्ची जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए शिक्षा, पर्यटन, चाय उत्पादन और खेल विकास से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय हितधारकों, विद्यार्थियों, चाय बागान श्रमिकों और युवा खिलाड़ियों से संवाद कर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने तार्कु क्षेत्र में निर्माणाधीन कंचनजंगा सिक्किम राज्य विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया, जो राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा। अट्ठाईस एकड़ में विकसित हो रहे इस परिसर को उत्तर पूर्वी परिषद के माध्यम से मंत्रालय से सहायता प्रदान की गई है। निर्माण पूरा होने पर यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी और प्रशासनिक भवन सहित विभिन्न ढांचागत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने तिमी चाय बागान और चाय प्रसंस्करण इकाई का दौरा किया, जहां उन्होंने श्रमिकों और अधिकारियों से बातचीत कर उत्पादन, प्रसंस्करण और पैकेजिंग की प्रक्रिया का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार और निर्यात संभावनाओं पर भी चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि यहां एलपीजी आधारित उत्पादन प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा।
चाय बागान से जुड़ी महिला श्रमिकों से उन्होंने नेपाली भाषा में संवाद किया और स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देने पर बल दिया। साथ ही तिमी चाय को भौगोलिक संकेतक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद सिंधिया ने चेम्चे स्थित साहसिक और इको पर्यटन केंद्र का निरीक्षण किया, जहां प्रस्तावित नाम्ची-तिमी-रावांगला पर्यटन सर्किट की प्रगति की समीक्षा की गई। यहां रॉक क्लाइंबिंग, आइस क्लाइंबिंग, साइक्लिंग ट्रैक, ट्रेकिंग, स्कीइंग और पर्वतारोहण जैसी गतिविधियों के विकास पर भी चर्चा हुई।
केंद्रीय मंत्री ने भाइचुंग स्टेडियम में आयोजित सिक्किम प्रीमियर लीग के सेमीफाइनल मुकाबले में भाग लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पूर्वोत्तर को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए प्रशिक्षण, प्रतिभा खोज और आधुनिक तकनीक को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने भालेढुंगा रोपवे के माध्यम से यात्रा कर पीएम-डिवाइन योजना के तहत चल रही भालेढुंगा स्काईवॉक परियोजना की भी समीक्षा की। तीन किलोमीटर से अधिक लंबे इस रोपवे और ऊंचाई पर विकसित हो रहे स्काईवॉक से पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।






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