भोपाल, 06 मई।
उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले विश्वप्रसिद्ध सिंहस्थ के लिए राज्य के विभिन्न विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पुलिस और राज्य साइबर सेल ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
इस योजना के अंतर्गत साइबर सुरक्षा से जुड़े स्वयंसेवकों की एक बड़ी टीम तैयार की जा रही है, जो सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने में सहायता करेगी। इस परियोजना के लिए अब तक एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण करा लिया है।
विभाग का लक्ष्य दो हजार स्वयंसेवकों को तैयार करने का है। इन विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से निपटने और आम लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे मेले के दौरान प्रभावी भूमिका निभा सकें।
सिंहस्थ के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इंदौर और ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों तक भी बड़ी संख्या में यात्रा होती है। इस दौरान यात्रा मार्ग पर विभिन्न सेवाओं का लाभ लेते हुए श्रद्धालु साइबर ठगों के निशाने पर आ सकते हैं।
विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को ऐसे ठगों से बचाने के लिए पुलिस ने अलग से योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार साइबर अपराधों से निपटने के लिए कई स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और सिंहस्थ क्षेत्र में सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां से तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
पूरे मेला क्षेत्र में ये स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। उनका मुख्य कार्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और तकनीकी रूप से कम जागरूक श्रद्धालुओं को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क करना होगा।
राज्य साइबर सेल के अनुसार इन स्वयंसेवकों को जोड़ने के लिए कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है तथा उन्हें निरंतर जागरूक किया जा रहा है।








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