भोपाल, 01 जून ।
प्रदेश पुलिस ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं तथा इसी क्रम में सभी जिलों एवं इकाइयों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है।
पुलिस मुख्यालय की ओर से सोमवार से प्रदेशभर में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिसके तहत पुलिस बल को निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में संचालित होगा।
उप पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंहस्थ-2028 के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए पुलिस लाइन उज्जैन में 22 अप्रैल से 15 मई 2026 तक प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों और इकाइयों से चयनित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया था। अब इन्हीं प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से जिलों में पुलिस बल को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बताया गया कि पुलिस मुख्यालय के प्रशिक्षण कैलेंडर के अनुसार यह अभियान 01 जून से दिसंबर 2026 तक 20 बैचों में संचालित होगा, जिसमें जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल, रेडियो शाखा, विशेष शाखा, प्रशिक्षण संस्थान एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी शामिल किए जाएंगे।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिंहस्थ ड्यूटी में तैनात होने वाले लगभग सभी पुलिसकर्मी समय रहते प्रशिक्षित हो जाएं और मेला ड्यूटी से जुड़ी चुनौतियों और जिम्मेदारियों को पूरी तरह समझ सकें।
प्रशिक्षण व्यवस्था के संचालन के लिए प्रत्येक रेंज में उप पुलिस महानिरीक्षक को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है, जबकि पुलिस महानिरीक्षक और उप पुलिस महानिरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में प्रशिक्षण गतिविधियों की निगरानी करेंगे। जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा की जाएगी।
प्रत्येक जिले में एक सूबेदार को प्रशिक्षण प्रभारी नियुक्त किया गया है जो प्रशिक्षण की निरंतर निगरानी करेगा, वहीं रक्षित निरीक्षक प्रतिदिन प्रशिक्षण में उपस्थित रहकर फीडबैक संकलित करेंगे।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण सत्रों से जुड़ सकेंगे।
इसके अलावा बम निरोधक दस्ता, क्विक रिस्पांस फोर्स, विशेष कार्य बल तथा होमगार्ड के विशेषज्ञ भी प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं, साथ ही चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रशिक्षण मॉड्यूल में शारीरिक प्रशिक्षण, योग, ध्यान, सिंहस्थ का ऐतिहासिक एवं भौगोलिक परिचय, सिंहस्थ-2016 का पुनरावलोकन, मेला क्षेत्र का जोन विभाजन, घाट संचालन, अस्थायी थानों की भूमिका, बल वितरण, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा और अखाड़ा प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त शाही स्नान व्यवस्था, पेशवाई जुलूस, अभिसूचना संकलन, आतंकवाद एवं नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियां, सीसीटीवी निगरानी, रेडियो संचार, आपदा प्रबंधन, विस्फोटक पहचान, सोशल मीडिया प्रबंधन और चिकित्सकीय व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषय भी प्रशिक्षण में सम्मिलित किए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण के दौरान आवास, भोजन, पेयजल, तकनीकी उपकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक बैच की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में भेजी जाए ताकि प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जा सके।
यह व्यापक प्रशिक्षण अभियान सिंहस्थ-2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।




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