भोपाल, 12 मई।
प्रदेश में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों के जीवन स्तर को सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार द्वारा व्यापक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास की मजबूत गारंटी सुनिश्चित हो रही है और ये योजनाएं श्रमिक वर्ग के लिए संजीवनी के रूप में कार्य कर रही हैं।
जनसम्पर्क अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रम विभाग एवं विभिन्न बोर्डों के माध्यम से अब श्रमिकों को जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक हर चरण पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये, बेटियों के विवाह हेतु 49 हजार रुपये का अनुदान तथा आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क चिकित्सा लाभ शामिल है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों को वैश्विक शिक्षा से जोड़ने के लिए विदेश अध्ययन योजना के अंतर्गत 40 हजार डॉलर तक की सहायता दी जा रही है, साथ ही 10 हजार अमेरिकी डॉलर प्रतिवर्ष निर्वाह भत्ता भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा राज्य एवं संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
आवास निर्माण के लिए एक लाख रुपये तक की सहायता, ई-स्कूटर खरीदने के लिए 40 हजार रुपये तक की राशि तथा औजार अनुदान जैसी सुविधाएं सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ श्रमिक निर्धारित समय सीमा में श्रम सेवा पोर्टल या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
इसके साथ ही 'श्री' अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर व्यापक जनजागरूकता फैलाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक श्रमिक पंजीयन करा सकें और कोई भी व्यक्ति शिक्षा, स्वास्थ्य या पेंशन लाभ से वंचित न रहे। वहीं 'श्रमणा' योजना के तहत कार्यस्थलों पर महिला श्रमिकों की गरिमा, सुरक्षा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए पेयजल, विश्राम स्थल, चाइल्डकेयर एवं सुरक्षित वातावरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।











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