रायपुर, 16 जून।
मुख्यमंत्री निवास में मंगलवार को विभिन्न संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान संतों ने राज्य सरकार द्वारा स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को पुन: शामिल करने के निर्णय की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
स्वामी राजीव लोचन दास, महंत सुरेंद्र दास, उदय लाल और देवकर साहब जैसे प्रमुख संतों ने कहा कि पुराने समय में स्कूलों में श्लोकों और मंत्रों के माध्यम से बच्चों को नैतिक शिक्षा दी जाती थी। अब सरकार की इस पहल से नई पीढ़ी को पुन: अपनी ज्ञान परंपरा और जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
संतों ने शांतिपाठ, सरस्वती वंदना और भोजन मंत्र जैसे पारंपरिक प्रार्थनाओं को शामिल करने को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन और चरित्र निर्माण की भावना प्रबल होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि संस्कारों और जीवन मूल्यों का आधार है। उनकी सरकार आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को भारतीय परंपराओं से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
साय ने कहा कि स्कूलों में प्रार्थनाओं और वैदिक मंत्रों के समावेश से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का संचार होगा। संतों ने इस निर्णय को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया।












