जोधपुर, 16 जून।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने केंद्र सरकार के कार्यकाल को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ नक्सलवाद और जिहादी आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर देश को नई दिशा दी है।
मंगलवार को जोधपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सूर्या ने कहा कि पिछले वर्षों में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक काम किया गया है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ रोजगार सृजन पर भी लगातार ध्यान दिया गया है।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दशक पहले मोबाइल फोन का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात होता था, लेकिन अब भारत में बड़े पैमाने पर मोबाइल निर्माण और असेंबलिंग का कार्य हो रहा है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा है।
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन संघर्ष और मध्य-पूर्व में जारी तनाव जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार, कृषि विकास और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं और छात्र प्रतिनिधियों से संवाद कर उचित समय पर निर्णय लेगी। उनका कहना था कि भाजपा सरकार युवाओं को शिक्षा, राजनीति और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सूर्या ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है, जिससे भविष्य में परीक्षा पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
एक अन्य सवाल के जवाब में सूर्या ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपना विरोध या प्रदर्शन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और टकराव की कोई जगह नहीं है तथा सभी राजनीतिक गतिविधियां कानून के दायरे में रहकर होनी चाहिए।












