भोपाल, 06 जुलाई।
राजधानी स्थित पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल परिसर में विभिन्न भवनों को आपस में जोड़ने के लिए ब्रिज और पाथवे विकसित किए जाएंगे। इस संबंध में भोपाल संभाग के आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिसर के हर्बल गार्डन को शैक्षणिक भ्रमण के लिए स्कूली विद्यार्थियों के लिए खोलने का निर्णय भी लिया गया है।
सोमवार को महाविद्यालय की स्वशासी समिति की कार्यकारिणी बैठक में अस्पताल, कॉलेज, बालिका छात्रावास, ऑडिटोरियम और हर्बल गार्डन को सुरक्षित आवागमन के लिए ब्रिज एवं पाथवे से जोड़ने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। समिति ने हर्बल गार्डन को आयुर्वेदिक औषधीय पौधों की जानकारी के केंद्र के रूप में विकसित करने पर सहमति जताई। इसके तहत स्कूलों के छात्र-छात्राएं शैक्षणिक भ्रमण कर सकेंगे। भ्रमण के लिए प्रति विद्यार्थी 10 रुपये शुल्क लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में अस्पताल और पीजी भवन के मरम्मत कार्य समय-सीमा में पूरा करने, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, सुपर स्पेशियलिटी विंग के लिए आवश्यक दवाओं की खरीद तथा शिक्षकों के प्रशिक्षण और कार्यशालाओं के आयोजन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों के लिए चिकित्सा उपकरण, डिजिटल एक्स-रे मशीन, अग्निशमन उपकरण और सभी जांच प्रयोगशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। आयुक्त ने पीजी विद्यार्थियों के शोध कार्यों के पेटेंट की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय और हकीम सैयद जिया-उल-हसन शासकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय की स्वशासी समिति की बैठक भी ली। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है, इसलिए मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में होम्योपैथी कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के उन्नयन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर के लिए उपकरणों की खरीद, पैथोलॉजी लैब के आधुनिकीकरण, रेडियोलॉजी विभाग के लिए कलर डॉप्लर मशीन, मरीजों के भोजन के लिए ऑटोमैटिक रोटी मशीन तथा एनएबीएच मानकों के अनुरूप आवश्यक संसाधनों की खरीद को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। साथ ही आयुष परिसर में प्रस्तावित 200 बिस्तरों वाले बालिका छात्रावास के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।



















