भोपाल, 06 जुलाई।
मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने लाइन और सबस्टेशन से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिस पैनलबद्ध ठेकेदार के नाम पर कार्य आदेश जारी होगा, वही संबंधित कार्य करेगा। किसी भी परिस्थिति में यह कार्य किसी अन्य ठेकेदार, एजेंसी या व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकेगा।
कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि कुछ मामलों में कार्य आदेश एक ठेकेदार के नाम पर जारी होने के बावजूद काम किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराए जाने की जानकारी मिली थी। कंपनी ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कार्य केवल अधिकृत ठेकेदार से ही कराया जाए। इसके लिए कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण भी किया जाएगा।
निर्देशों के अनुसार यदि जांच में यह पाया जाता है कि कार्य किसी अन्य व्यक्ति या ठेकेदार से कराया जा रहा है तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में कार्य आदेश निरस्त किया जा सकता है, भविष्य के कार्यों से वंचित किया जा सकता है, सुरक्षा राशि जब्त की जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
कंपनी ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे।



















