माउंट आबू, 06 जुलाई।
राजस्थान के माउंट आबू स्थित शांत ज्ञान सरोवर में आयोजित दो दिवसीय सुधार उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026 का समापन संकल्प पत्र जारी होने के साथ हुआ। इस दस्तावेज में संविधान, सत्यनिष्ठा, उत्कृष्टता, नवाचार, सरल और नागरिक-केंद्रित कानून, तकनीक तथा एआई के उपयोग के साथ सहयोग की संस्कृति को प्रमुख आधार बनाया गया है।
विधि एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार संकल्प पत्र विधायी विभाग एवं विधि विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने जारी किया। दो दिवसीय शिविर का आयोजन मंत्रालय के विधायी विभाग और विधि विभाग ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने किया था। चार और पांच जुलाई तक चले इस शिविर का उद्देश्य आधुनिक, प्रौद्योगिकी आधारित और नागरिक-केंद्रित कानूनी व्यवस्था को बढ़ावा देना तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाना रहा।
शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में कई अहम विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मंथन के आधार पर एक व्यापक दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया गया, जिसमें कानूनी सुधारों से जुड़े ठोस प्रस्ताव और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न सिफारिशें शामिल की गई हैं।
समापन सत्र में अर्जुन राम मेघवाल ने मंत्रालय की हालिया उपलब्धियों की समीक्षा, प्रमुख विधिक और संस्थागत सुधारों पर चर्चा तथा भारत के कानूनी ढांचे को अधिक मजबूत बनाने के लिए दूरदर्शी कार्यसूची तैयार करने पर जोर दिया। वहीं डॉ. राजीव मणि ने सुशासन को सुदृढ़ करने वाली ऐसी कानूनी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई, जो अधिक कुशल, सुलभ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो।



















