जयपुर, 06 जुलाई।
हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 में कथित रूप से डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले एक आरोपित को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार किया है। आरोपित परीक्षा में फर्जीवाड़े के जरिए चयनित होकर सरकारी सेवा में नियुक्त हो गया था। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि हाईकोर्ट एलडीसी भर्ती परीक्षा-2022 की लिखित परीक्षा 19 मार्च 2023 को आयोजित की गई थी। जांच में सामने आया कि दौसा जिले के महुआ थाना क्षेत्र के टिकरी जाफरान निवासी 27 वर्षीय ब्रजेश कुमार मीणा ने अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाई थी। आरोप है कि इसके लिए पेपर लीक गिरोह के सरगना हर्षवर्धन मीणा से चार लाख रुपये में सौदा किया गया था।
जांच के अनुसार 19 मार्च 2023 को दौसा स्थित श्री रामकरण जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, लालसोट रोड परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी ने ब्रजेश कुमार मीणा के स्थान पर परीक्षा दी। कथित फर्जीवाड़े के आधार पर उसका चयन एलडीसी पद पर हुआ और बाद में धौलपुर के एसीजेएम कोर्ट, बाड़ी में उसकी नियुक्ति कर दी गई। मामले का खुलासा होने के बाद न्यायालय के आदेश पर उसे सरकारी सेवा से निष्कासित कर दिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने स्वीकार किया कि उसके स्थान पर महेंद्र कुमार नामक व्यक्ति ने कूटरचित हस्ताक्षरों के माध्यम से परीक्षा दी थी, जिससे उसे अनुचित लाभ मिला। एसओजी थाना, जयपुर में दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोहन चौधरी ने सोमवार को उसे गिरफ्तार किया।
एसओजी के अनुसार पूछताछ में आरोपित ने अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और डमी अभ्यर्थियों से जुड़े मामलों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। इन तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।



















