जकार्ता, 06 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में अपने स्वागत के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए उन्हें भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों और साझा सभ्यतागत विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से ‘होमेज टू द ट्रिपल जेम’ की प्रस्तुति को असाधारण बताते हुए कलाकारों की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विहार धर्म रत्न ग्रुप की ओर से प्रस्तुत इस कार्यक्रम में भगवान बुद्ध की कालातीत शिक्षाओं और ट्रिपल जेम के मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इंडोनेशिया के लोग अपनी समृद्ध बौद्ध विरासत को समर्पण और उत्साह के साथ संरक्षित कर रहे हैं।
जकार्ता पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। होटल परिसर में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने रामायण पर आधारित इंडोनेशिया की पारंपरिक शैडो पपेट्री प्रस्तुति का भी अवलोकन किया, जिसमें भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की झलक दिखाई गई।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सामन्वय ग्रुप की ओर से प्रस्तुत भरतनाट्यम नृत्य की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह देखकर संतोष होता है कि भारत की पारंपरिक कलाओं को आज भी पूरी निष्ठा और उत्कृष्टता के साथ संरक्षित एवं प्रस्तुत किया जा रहा है।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की प्रसिद्ध वायांग कुलित छाया कठपुतली परंपरा की प्रशंसा की, जिसमें रामायण की कालजयी कथा का मंचन किया गया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति इस बात की प्रेरक याद दिलाती है कि दोनों देशों की साझा सभ्यतागत विरासत ने समय और सीमाओं से परे अपनी पहचान बनाए रखी है। उन्होंने इस शानदार प्रस्तुति के लिए ‘गणेश’ टीम को बधाई भी दी।
इससे पहले इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जकार्ता हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। उन्होंने इस विशेष स्वागत के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह द्विपक्षीय वार्ता को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने बताया कि यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। वह योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए राष्ट्रपति के साथ चार मंत्री भी मौजूद रहे। हवाई अड्डे पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया और इंडोनेशियाई वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश के दौरान प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट भी किया।



















