पन्ना, 06 जुलाई।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय, रूंझ, नेगुवा और एनटीपीसी सहित विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों का 'चिता आंदोलन' सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। लगातार हो रही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार, जिनमें आदिवासी महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे, अपनी मांगों को लेकर आंदोलन स्थल पर डटे रहे।
आंदोलन के चौथे दिन समाजसेवी अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू किया। उन्होंने कहा कि विस्थापन से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने तथा विस्थापन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उन्होंने यह निर्णय लिया है।
अमित भटनागर ने कहा कि वास्तविक प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार, उचित मुआवजा और न्याय मिलने के साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होने तक उनका अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन में शामिल कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें लगातार प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने विस्थापन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए।
आंदोलनकारियों ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास उपलब्ध कराना, विस्थापन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराना तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।
इस मामले में प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।



















