आगरमालवा, 10 जुलाई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को आगरमालवा जिला खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंड्या को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह सेवानिवृत्त अधिकारी के लंबित भुगतान जारी कराने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, जावरा निवासी विजय कुमार बोरसिया ने पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार यादव से शिकायत की थी कि उनके पिता गोवर्धनलाल जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय आगरमालवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके ग्रेच्युटी, बीमा और अवकाश नकदीकरण सहित करीब 27 लाख रुपये के लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले कार्यालय में पदस्थ बाबू मनीष कुमार पंड्या डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
शिकायत मिलने के बाद निरीक्षक दीपक सेजबर ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त ने ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शुक्रवार को शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये लेकर आरोपित के पास भेजा गया। जैसे ही मनीष कुमार पंड्या ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी दिनेशचंद पटेल ने किया। टीम में निरीक्षक दीपक सेजबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत तथा आरक्षक श्याम शर्मा, इसरार, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम सहित लोकायुक्त के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।












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