अशोकनगर, 16 जुलाई।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अशोकनगर रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण पूरा हो गया है। करोड़ों रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक स्वरूप और बेहतर यात्री सुविधाओं से विकसित किया गया है। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री इसके नवनिर्मित स्वरूप का वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदौर और दिल्ली सहित प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवा का इंतजार अब भी बना हुआ है।
नए स्वरूप में स्टेशन को बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों की तर्ज पर विकसित किया गया है। परिसर में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और आकर्षक ढांचा तैयार किया गया है। इसके बावजूद यात्रियों का मानना है कि प्रमुख महानगरों तक सीधी ट्रेन सुविधा के बिना स्टेशन का आधुनिकीकरण अधूरा महसूस होता है।
स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अशोकनगर से इंदौर, दिल्ली, मुंबई और प्रयागराज के लिए लंबे समय से सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से रेल मंत्रालय को पत्र भी भेजे गए थे, लेकिन अब तक कोई नई ट्रेन शुरू नहीं हो सकी है। इससे लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि उनकी मांग पर अभी तक निर्णय क्यों नहीं लिया गया।
व्यापारिक वर्ग का कहना है कि इंदौर और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा नहीं होने से यात्रियों को दूसरे स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी पड़ती है या बीच में ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। वहीं प्रयागराज और मुंबई जैसे धार्मिक एवं व्यावसायिक शहरों तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं होने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेश मिश्रा ने कहा कि आधुनिक स्टेशन निश्चित रूप से विकास का प्रतीक है, लेकिन रेलवे का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, स्टेशन के आधुनिकीकरण के साथ यदि प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाएं भी शुरू की जाएं तो इसका वास्तविक लाभ क्षेत्र की जनता को मिलेगा।
अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि स्टेशन के लोकार्पण के बाद रेल मंत्रालय अशोकनगर से प्रमुख महानगरों के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की लंबे समय से लंबित मांग पर कब निर्णय लेता है।














