शिमला, 16 जुलाई।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाते हुए शिमला पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में वित्तीय जांच के बाद करीब 2.28 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध कमाई के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई है।
पहला मामला कोटखाई थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इस प्रकरण में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 17 आरोपितों की वित्तीय जांच की गई। बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में सामने आया कि आरोपितों ने नशे के कारोबार से अर्जित धन से बड़ी मात्रा में संपत्तियां खरीदी थीं। जांच में 16 वाहन, सोलन स्थित चोपड़ा अपार्टमेंट्स में दो आवासीय फ्लैट और एक आवासीय भवन की पहचान की गई। इन सभी संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 2.05 करोड़ रुपये आंका गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों की वैध आय और उनके नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच बड़ा अंतर पाया गया। दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर यह स्थापित होने के बाद कि संपत्तियां मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं, सभी चल और अचल संपत्तियों को कानून के तहत जब्त कर लिया गया।
दूसरा मामला बालूगंज थाना क्षेत्र का है। इस प्रकरण में तारा देवी रोड पर एक आरोपित के कब्जे से आठ ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। जांच आगे बढ़ने पर एक अन्य आरोपित को भी गिरफ्तार किया गया। इस मामले में कुल दो लोगों की गिरफ्तारी हुई।
इस मामले में भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत वित्तीय जांच की गई। बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच में पता चला कि आरोपित ऋषभ कुमार ने नशा तस्करी से अर्जित धन से शिमला जिले के मौजा भरोई में एक भूमि का प्लॉट और एक कार खरीदी थी। इन दोनों संपत्तियों का मूल्य 23.23 लाख रुपये आंका गया। जांच में वैध आय और संपत्ति के बीच असमानता मिलने के बाद भूमि और वाहन को भी जब्त कर लिया गया।
दोनों मामलों को मिलाकर शिमला पुलिस ने करीब 2.28 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि वित्तीय जांच के आधार पर अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक वित्तीय जांच के आधार पर छह मामलों में 24 आरोपितों की कुल 4.11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि हिमाचल प्रदेश में किसी भी जिला पुलिस द्वारा यह अब तक की सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है। वर्ष 2024 और 2025 में शिमला जिले में इस तरह की कोई संपत्ति जब्ती दर्ज नहीं हुई थी।
पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। केवल आरोपितों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कानून के अनुसार जब्त किया जाएगा।














