नई दिल्ली, 16 जुलाई।
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिली है। उनके अनुसार, इस दौरे से रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में संबंध और मजबूत हुए हैं।
फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट की श्रृंखला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की साझा सोच और सहयोग से दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि संयुक्त घोषणा के तहत अधिक जटिल सैन्य अभ्यास, क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों पर नियमित परामर्श और रक्षा सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप और दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच समन्वय बढ़ाने से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य पर सहमति जताई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम निर्यात का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, आपूर्ति श्रृंखला और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
फिलिप ग्रीन ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी नई पहलें शुरू हुई हैं। फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी को भारत में परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि अन्य ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय भी अपनी मौजूदगी का विस्तार कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया, कोकोस (कीलिंग) द्वीपों के माध्यम से भारत के गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष ट्रैकिंग सहयोग उपलब्ध कराएगा। वहीं, सांस्कृतिक विरासत के तहत तमिलनाडु से जुड़ी पवित्र भारतीय कलाकृतियों की वापसी में भी सहयोग किया जाएगा।
खेल सहयोग पर उन्होंने कहा कि नए स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप के तहत खेल विज्ञान, प्रशिक्षण और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ेगी। साथ ही पहली बार बिग बैश लीग का उद्घाटन मुकाबला भारत में आयोजित किया जाएगा, जिसके साथ 'गुड डे नमस्ते' उत्सव भी मनाया जाएगा।
फिलिप ग्रीन ने विश्वास जताया कि इन पहलों से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी तथा सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे।














