भोपाल, 16 जुलाई।
राजधानी के कोहेफिजा थाना क्षेत्र के खानूगांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के 65 दिन बाद पुलिस ने एक आरोपी अब्दुल्ला फारूकी को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस के अनुसार फरियादी मोहम्मद यूसुफ (26), जो एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, ने शिकायत में बताया था कि 12 मई की शाम उन्हें फोन कर झंडा चौक, खानूगांव बुलाया गया। वहां अब्दुल्ला फारूकी अपने साथियों समीर उर्फ बब्बा, नदीम उर्फ जिंसी और मुदस्सर उर्फ मम्मा के साथ पहले से मौजूद था।
शिकायत के मुताबिक चारों आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर यूसुफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान समीर उर्फ बब्बा ने चाकू से उनके सिर और दोनों हाथों पर कई वार किए। हमले में उनके बाएं हाथ की तीन और दाएं हाथ की एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि सिर पर भी गहरी चोट आई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
मामले में गिरफ्तारी के बाद एक कथित ऑडियो भी सामने आया है। इसमें समीर उर्फ बब्बा नाम का आरोपी किसी व्यक्ति से बातचीत के दौरान फरियादी पर कई बार चाकू से हमला करने की बात कहता हुआ सुनाई दे रहा है। हालांकि पुलिस ने ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
कोहेफिजा थाने के एएसआई अंतराम के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अब्दुल्ला फारूकी को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को हमले की वजह माना जा रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इसी गिरोह ने फरारी के दौरान कोतवाली क्षेत्र में होटल संचालक आमिर पर हुए जानलेवा हमले को भी अंजाम दिया था। इस मामले में आरोपी मुदस्सर उर्फ मम्मा पहले से जेल में बंद है। कोहेफिजा पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड में लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है।














