यरुशलम, 16 जुलाई।
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने गाजा पट्टी के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस स्थिति के बाद हमास के लिए 7 अक्टूबर 2023 जैसी बड़े पैमाने की घुसपैठ को दोहराना अब संभव नहीं होगा, हालांकि संगठन अब भी गाजा के शेष क्षेत्रों में सक्रिय है और उसकी कुछ सैन्य क्षमता बनी हुई है।
आईडीएफ के सेंट्रल कमांड प्रमुख मेजर जनरल एवी ब्लुथ ने 99वीं डिवीजन के कमांडर के पदभार ग्रहण समारोह में कहा कि उत्तरी गाजा से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सेना ने अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गाजा के 60 प्रतिशत से अधिक इलाके पर सेना का नियंत्रण है।
उन्होंने बताया कि गाजा सीमा से लगे इजरायली इलाकों की सुरक्षा के लिए दो डिवीजनों की तैनाती की गई है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था के बाद पहले जैसी सीमा पार घुसपैठ की आशंका काफी कम हो गई है।
हालांकि एवी ब्लुथ ने यह भी स्वीकार किया कि हमास अभी भी गाजा के शेष हिस्सों में मौजूद है और उसके पास कुछ सैन्य क्षमताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन का इजरायल के खिलाफ अपना उद्देश्य अब भी नहीं बदला है।
इससे पहले मई में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को गाजा के 70 प्रतिशत क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने का लक्ष्य दिया था। अक्टूबर 2025 में लागू युद्धविराम के समय आईडीएफ के नियंत्रण में लगभग 53 प्रतिशत क्षेत्र था, जबकि बाकी 47 प्रतिशत हिस्से में हमास का प्रभाव बना हुआ था और वहीं गाजा की अधिकांश आबादी रह रही थी।
इस बीच गाजा में संघर्ष जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार स्थायी युद्धविराम लागू करने और प्रभावित नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दे रहा है।














