नई दिल्ली, 16 जुलाई।
राष्ट्रीय राजमार्गों के संचालन और रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एनएचएआई ने जनरल मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (जीएमसी) की नियुक्ति की है। एनएचएआई के अंतर्गत कार्यरत नेशनल हाइवेज इंफ्रा ट्रस्ट ने अपने पोर्टफोलियो में शामिल राजमार्ग परिसंपत्तियों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी इन कंसल्टेंट्स को सौंपी है।
केंद्र सरकार के अनुसार, नेशनल हाइवेज इंफ्रा ट्रस्ट का पंजीकरण अक्टूबर 2020 में हुआ था और वर्तमान में यह 2,653 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का प्रबंधन कर रहा है। पहले चरण में 908 किलोमीटर लंबे राजमार्गों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी जीएमसी को दी जाएगी। इसका उद्देश्य सड़कों की सुरक्षा बढ़ाना, यातायात को सुचारु बनाए रखना और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी के तहत जीएमसी नियमित निरीक्षण करेंगे, आधुनिक उपकरणों की मदद से सड़कों की स्थिति का आकलन करेंगे और आवश्यकता के अनुसार मरम्मत तथा सुधार कार्यों की योजना तैयार करेंगे। इसके साथ ही टोल प्लाजा संचालन, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के सुझाव भी देंगे। ठेकेदारों की नियुक्ति, कार्यों की निगरानी और उनके प्रमाणन की जिम्मेदारी भी इन्हीं के पास होगी।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से राजमार्गों के रखरखाव में वैश्विक स्तर की बेहतर कार्यप्रणालियां अपनाई जा सकेंगी। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में रोजगार तथा नए अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।














