कानपुर, 23 जुलाई।
कानपुर में कमिश्नरेट पुलिस की साइबर सेल पूर्वी जोन और फीलखाना पुलिस ने करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में फर्जी ट्रस्ट के नाम पर खोले गए बैंक खाते में 12 अप्रैल से 16 मई 2025 के बीच करीब 36 करोड़ रुपये के लेन-देन, देशभर से 178 एनसीआरपी शिकायतें और लगभग सात करोड़ रुपये होल्ड होने का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपित डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड समेत अन्य साइबर ठगी की रकम इन खातों में मंगवाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कराते थे।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि साइबर सेल को जांच के दौरान फीलखाना क्षेत्र की एक बैंक शाखा में 'गौमाता गौरक्षा सेवा मंच ट्रस्ट' के नाम से संचालित संदिग्ध खाते की जानकारी मिली। बैंक स्टेटमेंट और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच में इस खाते का इस्तेमाल बड़े स्तर पर साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद साइबर सेल और फीलखाना पुलिस की संयुक्त टीम ने फूलबाग बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर दो आरोपितों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विक्रम कुमार और सूरज निषाद के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर ट्रस्ट और संस्थाओं के नाम पर बैंक खाते खुलवाने तथा उनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाकर विभिन्न खातों में स्थानांतरित कराने की बात स्वीकार की।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो फर्जी पार्षदों के लेटर पैड और मोहर, दो मोबाइल फोन, 42 बैंक चेक, 12 अलग-अलग बैंकों की चेकबुक, तीन चेकबुक कवर, एसबीआई, एक्सिस, बंधन सहित कई बैंकों के डेबिट कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
डीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। बरामद डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, म्यूल खातों और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।












