जयपुर, 23 जुलाई।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए जयपुर दक्षिण के मुहाना थाना क्षेत्र में तैनात इमरजेंसी रिस्पॉन्स-112 के कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में दूसरा आरोपित कांस्टेबल सुरेश चौधरी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन विंग को शिकायत मिली थी कि मुहाना थाने के कांस्टेबल नोरत मीणा और सुरेश चौधरी ने परिवादी के पड़ोसी दुकानदार की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में मामला दर्ज कराने का भय दिखाया। आरोप है कि कार्रवाई नहीं करने, मुहाना मंडी स्थित फल-सब्जी की दुकान का सामान नहीं उठाने और दुकान को बिना बाधा संचालित होने देने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायत का 21 जून 2026 को गोपनीय सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान दोनों आरोपितों और परिवादी के बीच 20 हजार रुपये की रिश्वत देने पर सहमति बनी।
इसके बाद एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबरमल के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक बाबूलाल गुर्जर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कांस्टेबल नोरत मीणा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा आरोपित सुरेश चौधरी मौके से फरार हो गया।












