नई दिल्ली, 27 जुलाई।
पीएम श्री योजना के तहत देशभर में अब तक 13,092 विद्यालयों का चयन किया जा चुका है। इन विद्यालयों में संस्कृत, उर्दू और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं के शिक्षण के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्रीय भाषाओं के लिए 9,152, संस्कृत के लिए 6,102 और उर्दू के लिए 1,994 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है।
लोकसभा में सोमवार को दिए गए एक लिखित उत्तर में शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि पीएम श्री योजना केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य देशभर में 14,500 से अधिक विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप आधुनिक, समावेशी और आदर्श शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि चयनित 13,092 पीएम श्री स्कूलों में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के साथ-साथ केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) और एनसीईआरटी के विद्यालय भी शामिल हैं।
राज्यों के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1,888 पीएम श्री स्कूल चयनित किए गए हैं। इसके बाद आंध्र प्रदेश में 982, महाराष्ट्र में 946, मध्य प्रदेश में 944, बिहार में 904, ओडिशा में 840 और तेलंगाना में 832 विद्यालय शामिल हैं।
भाषाई शिक्षकों की नियुक्ति के आंकड़ों के मुताबिक, क्षेत्रीय भाषाओं के लिए सबसे अधिक 2,142 शिक्षक आंध्र प्रदेश में नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद तेलंगाना में 1,666, कर्नाटक में 1,115 और पंजाब में 922 क्षेत्रीय भाषा शिक्षक कार्यरत हैं। संस्कृत शिक्षकों की संख्या मध्य प्रदेश में 1,211, राजस्थान में 768, ओडिशा में 738 और बिहार में 736 है। वहीं उर्दू शिक्षकों की सर्वाधिक नियुक्ति बिहार में 691, उत्तर प्रदेश में 351 और जम्मू-कश्मीर में 323 दर्ज की गई है।
सरकार ने कहा कि पीएम श्री योजना का उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल सुविधाओं तथा मातृभाषा और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।
















