भोपाल, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सोमवार को मंत्रालय में मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी के विस्तार और उन्नयन कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मास्टर प्लान के अनुरूप सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफारी का विस्तार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन, अनुसंधान और इको-टूरिज्म को नई पहचान देगा।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी मध्य प्रदेश की विशिष्ट पहचान है और इसे राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में वर्ष 2026-27 से 2045-46 तक के लिए तैयार मास्टर प्लान पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समीता राजौरा वास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मास्टर प्लान के अनुसार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के दिशा-निर्देशों के तहत वर्तमान 121.99 हेक्टेयर क्षेत्र के साथ 119.87 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को जोड़कर सफारी का कुल क्षेत्रफल 241.86 हेक्टेयर किए जाने का प्रस्ताव है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित विकास कार्यों में आधुनिक और प्राकृतिक वातावरण वाले पशु बाड़े, संरक्षण प्रजनन केंद्र, वन्यजीव रेस्क्यू सुविधाएं, पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं तथा प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण पर आधारित इंटरएक्टिव एजुकेशन सेंटर की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के प्रत्येक चरण का क्रियान्वयन केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप किया जाए। साथ ही पशु कल्याण, प्राकृतिक आवास आधारित डिजाइन, पर्यावरणीय संतुलन और बेहतर विजिटर मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी देश के प्रमुख संरक्षण एवं पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सके।

















