नई दिल्ली, 27 जुलाई।
संसद के मानसून सत्र के आठवें दिन सोमवार को विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दिनभर सदन में कई बार कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन लगातार विरोध के चलते चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी।
सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष के विरोध के कारण इस विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी। विपक्ष छात्रों की पिटाई के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा।
इससे पहले शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2 बजे तक और उसके बाद शाम 5 बजे तक स्थगित की गई। बाद में लगातार जारी हंगामे के चलते पूरे दिन की कार्यवाही समाप्त करते हुए सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
दिनभर जब भी सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद बैनर-पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सरकार और विपक्ष आपसी सहमति बनाकर विधेयक पर चर्चा सुनिश्चित करें। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव से भी मुलाकात की।
इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा कि लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष की नारेबाजी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवाओं की नजर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर है।

















