भोपाल, 27 जुलाई।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम में सीधी जिले में करीब 1,500 तालाब बनाए जाने के दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि इतने बड़े पैमाने पर खेत तालाबों का निर्माण हुआ होता, तो इसके स्पष्ट प्रमाण जमीनी स्तर पर दिखाई देने चाहिए थे।
सोमवार को जारी बयान में अजय सिंह ने कहा कि सरकार को इस दावे से जुड़े सभी तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक तालाब की ग्राम पंचायत, निर्माण तिथि, निर्माण लागत और अन्य संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि स्थानीय लोग स्वयं स्थल पर जाकर इन निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कर सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में इस स्तर के निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर नजर नहीं आते, जिससे पूरे मामले पर संदेह पैदा होता है। उनका कहना है कि आशंका है कि कई मामलों में निर्माण कार्यों की स्वीकृति और भुगतान केवल कागजों तक सीमित रहे हों।
अजय सिंह ने मामले में संभावित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जानी चाहिए, ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके।

















