गुवाहाटी, 30 जुलाई।
असम के बाढ़ प्रभावित चार जिलों का निरीक्षण पूरा करने के बाद अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने अपना दौरा समाप्त कर दिया है। दल अब अपने निरीक्षण और नुकसान के आकलन की रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा।
दौरे के समापन पर दिसपुर स्थित जनता भवन में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी केंद्रीय दल को दी गई। केंद्रीय दल ने चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट जिलों का स्थलीय निरीक्षण किया। दल ने इन क्षेत्रों में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया।
राज्य सरकार ने बताया कि चराइदेव और शिवसागर जैसे जिले पहले बाढ़ प्रभावित नहीं रहे थे। इस बार नगालैंड में हुई अत्यधिक बारिश और स्थानीय वर्षा के कारण इन क्षेत्रों में गंभीर बाढ़ की स्थिति बनी।
सरकार ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और आपातकालीन सेवाओं की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रभावित परिवारों को तय मानकों के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रभावित जिलों में चावल, दाल, सरसों तेल, नमक और मोमबत्ती सहित राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। शिवसागर और चराइदेव के लिए पड़ोसी जिलों से राहत किट भेजी जा रही हैं। राज्य सरकार ने केंद्रीय दल को बताया कि नुकसान का आकलन अभी जारी है। बाढ़ का मौसम समाप्त होने के बाद अंतिम ज्ञापन केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा।
केंद्रीय दल ने आश्वासन दिया कि निरीक्षण के आधार पर तैयार रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

















