यात्सुशिरो, 30 जुलाई।
दक्षिणी जापान में आए 7.1 तीव्रता के भूकंप के बाद हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। भूकंप से घरों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में सड़कें भी टूट गई हैं।
कुमामोटो प्रांत के यात्सुशिरो शहर में करीब 58 हजार घरों में अब भी पानी और बिजली की आपूर्ति बाधित है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, क्षतिग्रस्त जल आपूर्ति व्यवस्था को ठीक करने में कितना समय लगेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शहर में लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तापमान और उमस के बीच राहत कार्य जारी है।
भूकंप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिनकी मौत एक पेपर मिल और एक शॉपिंग मॉल में हुए नुकसान के कारण हुई।
प्रशासन नौ अन्य मौतों की भी जांच कर रहा है कि उनका संबंध भूकंप से है या नहीं। मृतकों में एक वियतनामी फैक्टरी कर्मचारी भी शामिल है, जिसके पीछे पत्नी और सात महीने का बच्चा है।
राहत कार्यों के बीच अधिकारियों ने लू और गर्मी से बचाव को लेकर चेतावनी जारी की है। सप्ताहांत में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की संभावना जताई गई है।
जापान की सेना ने राहत केंद्रों और जरूरी स्थानों पर करीब 300 एयर कंडीशनर लगाने का काम शुरू किया है। प्रभावित इलाकों में पानी के टैंकरों के जरिए लोगों तक पानी पहुंचाया जा रहा है।
यात्सुशिरो में कई लोग मलबा हटाने और अपने घरों को संभालने में जुटे हैं। जरूरी सामान खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
भूकंप के असर से जापान के प्रमुख वाहन और सेमीकंडक्टर उद्योग भी प्रभावित हुए हैं। कई बड़ी कंपनियों ने नुकसान का आकलन करने के लिए उत्पादन रोक दिया है।
सरकार ने कहा है कि फिलहाल प्राथमिकता बंदरगाहों और अन्य जरूरी ढांचों की मरम्मत करना है। इसके बाद आर्थिक गतिविधियों और आपूर्ति व्यवस्था पर असर की समीक्षा की जाएगी।
जापान भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां सख्त निर्माण नियमों और आपदा अभ्यासों के बावजूद बड़े भूकंप चुनौती बने रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बार का झटका उन्होंने पहले के अनुभवों से भी अधिक भयावह महसूस किया।
















