सीवान, 30 जुलाई।
सीवान में चौदह साल पुराने लोकसभा चुनाव के वक्त आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े एक मुकदमे में मांझी से विधायक रणधीर कुमार सिंह को बड़ी राहत मिली है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी नेहा त्रिपाठी की अदालत ने पुख्ता साक्ष्यों के अभाव में उन्हें दोषमुक्त कर दिया है।
अदालत से मिली जानकारी के मुताबिक तीस अप्रैल चौदह को बसंतपुर थाना इलाके के बैजू बरहोगा पंचायत के सेरिया गांव में आग पीड़ितों के बीच कपड़ों के वितरण की खबर मिलने पर तत्कालीन राजस्व कर्मी ने बसंतपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस एफआईआर में राष्ट्रीय जनता दल के महाराजगंज संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर कुमार सिंह और दो अन्य लोगों को मुजिम बनाया गया था।
माननीय विधायक की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले की सुनवाई दंडाधिकारी की अदालत में चल रही थी। मुकद्दमे की कार्रवाई के दौरान सरकारी पक्ष की तरफ से दो गवाह पेश किए गए, लेकिन वे अपने पुराने बयानों से मुकर गए। इसके बाद अदालत ने तमाम दस्तावेजों और सुबूतों की पड़ताल करने के बाद विधायक को बाइज्जत बरी कर दिया।
इस फैसले के सामने आने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। गौर करने वाली बात है कि यह प्रकरण चौदह के चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन का था, जिसकी कानूनी प्रक्रिया करीब बारह वर्षों तक अदालत के गलियारों में चलती रही।

















