कोलकाता, 30 जुलाई।
पश्चिम बंगाल में पहली बार एनआईए थाना स्थापित किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद नवान्न की ओर से गुरुवार को अधिसूचना जारी कर राज्य के पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी थाने के गठन की घोषणा की गई।
न्यू टाउन स्थित एनबीसीसी भवन की 16वीं मंजिल पर एनआईए थाना शुरू किया गया है। अब पश्चिम बंगाल से जुड़े एनआईए के सभी मामलों की प्राथमिकी इसी थाने में दर्ज की जा सकेगी।
इससे पहले राज्य में एनआईए से संबंधित मामलों की एफआईआर दर्ज कराने के लिए एजेंसी को दिल्ली स्थित मुख्यालय पर निर्भर रहना पड़ता था। नए थाने के गठन से स्थानीय स्तर पर कार्रवाई और जांच प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
एनआईए लंबे समय से कोलकाता में अपना थाना स्थापित करने की योजना बना रही थी। हालांकि, आरोप लगाया जाता रहा है कि पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय राज्य सरकार के कथित असहयोग के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
सत्ता परिवर्तन के करीब तीन महीने बाद शुभेंदु अधिकारी की मंत्रिपरिषद ने राज्य में एनआईए थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के अलावा रांची, कोच्चि और इंफाल में भी एनआईए के अपने थाने हैं। जांच कार्यों को आसान बनाने और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तेज करने के उद्देश्य से अलग-अलग शहरों में ऐसे थाने स्थापित किए जाते हैं।
पश्चिम बंगाल में एनआईए ने वर्ष 2014 के खागड़ागढ़ विस्फोट मामले से अपनी जांच शुरू की थी। इसके करीब 12 वर्ष बाद राज्य में एजेंसी को अपना थाना मिला है।
बताया गया है कि 22 जुलाई को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एनआईए थाना स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर बैठक हुई थी। इसके बाद एनआईए थाना स्थापित करने के फैसले को महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सुरक्षा कदम माना जा रहा है।

















