नई दिल्ली, 30 जुलाई।
राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर विचार और पारित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। दोपहर बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विधेयक पेश किया गया।
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के राज्य मंत्री ने सदन में विधेयक रखा। सभापति ने बताया कि विधेयक पर चर्चा के लिए सात घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इस विधेयक में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और संपत्ति जब्त करने जैसी कार्रवाई की जा सकेगी।
मामलों के जल्द निपटारे के लिए विधेयक में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का प्रावधान रखा गया है। इसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दैनिक सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनानी होंगी। विधेयक में जांच प्रक्रिया को भी समय सीमा में पूरा करने का प्रावधान है। पुलिस थाने में सूचना दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी।
इसके अलावा आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

















