भोपाल, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश में चलाए जा रहे "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत बालाघाट पुलिस की जनजागरूकता पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने बालाघाट पुलिस को इस उपलब्धि के लिए "सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस" प्रदान किया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, बालाघाट पुलिस ने अभियान के तहत एक मिनट के नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन कर जनभागीदारी का नया रिकॉर्ड बनाया। इस कार्यक्रम में जिले के 1,204 विद्यालयों के करीब 1.25 लाख विद्यार्थियों ने एक साथ नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
इसके अलावा पांच लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अभियान से जुड़कर नशामुक्ति के इस प्रयास में सहभागिता दर्ज कराई।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने इस व्यापक जनभागीदारी, प्रभावी जागरूकता और सामाजिक प्रतिबद्धता को देखते हुए बालाघाट पुलिस की पहल को विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी।
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से सफल हो सकती है। उन्होंने बालाघाट पुलिस की पहल को जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतर उदाहरण बताया।
"नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत मध्य प्रदेश पुलिस नशामुक्ति शपथ, जागरूकता रैलियां, संवाद कार्यक्रम, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां और विद्यालयों-महाविद्यालयों में विभिन्न आयोजन कर रही है।
अभियान का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त मध्य प्रदेश के निर्माण में लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
इससे पहले इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 लाख 75 हजार 451 नागरिकों को एक साथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वहीं 8,534 नागरिकों की मानव श्रृंखला बनाकर एक ही आयोजन में दो विश्व रिकॉर्ड दर्ज किए थे।
इसी तरह बड़वानी पुलिस को 16 हजार 700 ड्राइंग शीट्स पर नशामुक्ति संदेश अंकित कराने के लिए और बुरहानपुर पुलिस को 113 विद्यालयों के 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन की ओर से सम्मानित किया जा चुका है।

















