बिजनौर, 30 जुलाई।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जल जीवन मिशन के तीसरे चरण के तहत अपनी सेवाएं दे रहे ऑपरेटर और गार्डों का पिछले छह महीने से वेतन अटका होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक से जुड़े कार्यकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपकर संबंधित कार्यदायी संस्था से मेहनताने का पूरा पैसा जल्द से जल्द अदा कराने की पुरजोर मांग की है।
सौंपे गए ज्ञापन में जिक्र किया गया है कि जिले के भीतर चल रही पेयजल योजनाओं पर तैनात लगभग आठ सौ कर्मचारियों का पारिश्रमिक कंपनी द्वारा बीते आधे साल से नहीं चुकाया गया है। इस वजह से इन कर्मचारियों और उनके बाल-बच्चों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि इसी साल कंपनी की तरफ से लिखित में भुगतान करने की बात कही गई थी, मगर उसके बावजूद फूंटी कौड़ी हाथ नहीं आई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि बकाया राशि का भुगतान तुरंत नहीं किया गया तो सभी पीड़ित कर्मी संघ के बैनर तले लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी तमाम जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित फर्म की होगी।
दूसरी तरफ जिलाधिकारी जसजीत कौर ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संबंधित एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर को ताकीद किया है कि जल जीवन मिशन में लगे सभी कर्मियों का रुका हुआ वेतन फौरन खातों में भेजा जाए। जारी हुए निर्देशों में साफ कहा गया है कि पारिश्रमिक मिलने में देरी होने की वजह से ग्रामीण अंचलों में पानी की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ रहा है, जिससे पेयजल योजनाएं चरमरा सकती हैं। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय मियाद के भीतर भुगतान नहीं हुआ तो फर्म के खिलाफ लेबर लॉ के तहत कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

















