भोपाल, 1 अगस्त।
राजधानी में घरेलू गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी के खिलाफ खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवतारण भारत गैस एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों को अवैध आपूर्ति करते हुए पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान 79 घरेलू गैस सिलेंडरों से भरा एक वाहन जब्त किया गया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर अयोध्या नगर के अरेड़ी गांव स्थित एक कथित अवैध गोदाम पर दबिश दी गई, जहां से 900 से अधिक सिलेंडर बरामद हुए। पूरी कार्रवाई में करीब 1000 गैस सिलेंडर और कई वाहन जब्त किए गए हैं।
खाद्य विभाग के अनुसार करोंद क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों को तय कीमत से अधिक दर पर दुकानों में बेचे जाने की शिकायत मिली थी। सूचना मिलने पर सहायक आपूर्ति अधिकारी अशोक सत्यार्थी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों को देखकर वाहन चालक भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन उसे रोक लिया गया। वाहन में मौजूद कर्मचारी चंद्रपाल और मुकेश पाल सिलेंडरों से संबंधित कोई वैध बिल, रसीद या अन्य दस्तावेज नहीं दिखा सके।
पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि एजेंसी संचालक सहर्ष उर्फ विपुल तारण के निर्देश पर सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही थी। इसके बाद टीम ने अरेड़ी गांव स्थित गोदाम की तलाशी ली, जहां से भारत गैस के 550 भरे और 346 खाली घरेलू सिलेंडर, एचपी गैस के 26 सिलेंडर, इंडेन का एक सिलेंडर तथा तीन व्यावसायिक सिलेंडर बरामद किए गए। पूरे मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम और कालाबाजारी के आरोप में एजेंसी संचालक तथा कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक मौके पर पहुंच गया और कार्रवाई रुकवाने के लिए फोन के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास किया गया। विभाग का यह भी दावा है कि कलेक्ट्रेट में पदस्थ एडीएम के रीडर की ओर से लगातार फोन आए, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई जारी रखी गई।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि मौके से जब्त किए गए 79 भरे गैस सिलेंडरों से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। एजेंसी संचालक भी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा पाया। इसी आधार पर सिलेंडर और वाहन जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
अब विभाग इस पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाएगा कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी का नेटवर्क कब से संचालित हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।






















