इंदौर, 03 अगस्त।
इंदौर के महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन और नगर निगम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। जांच में आश्रम का संचालन नगर निगम की जमीन और आंगनवाड़ी के लिए आवंटित भवन पर कब्जा कर किए जाने की बात सामने आने पर पूरे परिसर को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।
सोमवार सुबह एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले आश्रम के भीतर रखा सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया गया। इसके बाद जेसीबी और बुलडोजर की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे परिसर को खाली कराकर सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक नाबालिग लड़का आश्रम में रह रहे बुजुर्गों के साथ डंडे से मारपीट करता दिखाई दिया था। वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए आश्रम को तत्काल खाली कराने और वहां रह रहे सभी बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों एवं अन्य आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे।
प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम का संचालन नगर निगम की पानी की टंकी के नीचे बने परिसर में किया जा रहा था। इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र के लिए आवंटित भवन पर भी कब्जा होने की बात सामने आई। आश्रम की संचालिका नीलम दुबे ने कहा कि पूर्व एमआईसी सदस्य संतोष गौर ने उन्हें वृद्धाश्रम संचालन के लिए यह जमीन उपलब्ध कराई थी और उनके पास इससे संबंधित पंजीकरण है। हालांकि उन्होंने आंगनवाड़ी की जमीन पर कब्जे के आरोप से इनकार किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

















