नई दिल्ली, 03 अगस्त।
राजधानी के दिल्ली उच्च न्यायालय से पूर्व विधायक नरेश बाल्यान को तगड़ा झटका लगा है और अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने गत 27 जुलाई को ही इस प्रकरण में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने गत 5 मई 2025 को दिल्ली पुलिस की तरफ से दाखिल पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मकोका के प्रावधानों का हवाला देते हुए याचिका का कड़ा विरोध किया और कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक सांठगांठ के पुख्ता प्रमाण हैं।
विशेष लोक अभियोजक ने दलील दी कि अपराध में किसी भी रूप में मददगार साबित होने वाला व्यक्ति भी इस कानून के दायरे में आता है। उन्होंने रेखांकित किया कि साल 2019 के एक मुकदमे में जो शख्स गवाह था, उसकी 2024 में हत्या कर दी गई, जो आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से बयां करती है।
इसके विपरीत पूर्व विधायक के वकील ने सफाई देते हुए कहा कि उनके मुक्किल पर यह सख्त कानून लागू नहीं होता क्योंकि इसके वास्ते निरंतरता का होना अनिवार्य है।
गौरतलब है कि पुलिस ने बाल्यान को पहले वसूली के एक अन्य मामले में 30 नवंबर 2024 को दबोचा था, जहां से राहत मिलने के तुरंत बाद उन्हें इस कड़े कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था।
















