देहरादून, 03 अगस्त।
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में इस समय मानसून की अति सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी सात अगस्त तक सूबे के विभिन्न अंचलों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली चमकने तथा अंधड़ चलने का रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। प्रशासन ने नागरिकों को अनावश्यक सफर से तौबा करने और संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त ताकीद दी है।
राजधानी दून समेत तमाम पर्वतीय व मैदानी इलाकों में प्रातकाल से ही रुक-रुक कर वर्षा का दौर अनवरत जारी है, जिससे फिजाओं में काफी ठंडक घुल गई है। घटाटोप बादलों के कारण सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और कोहरे की चादर छाई हुई है।
विभागीय अनुमान के मुताबिक आज देहरादून तथा बागेश्वर जनपदों में कुछेक स्थानों पर अत्यधिक पानी बरसने के आसार के चलते ऑरेंज चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ में भारी मी गिरने की प्रबल आशंका है।
आगामी चार अगस्त को चुनिंदा जिलों में, पांच अगस्त को व्यापक क्षेत्रों में, छह अगस्त को पर्वतीय पट्टियों पर तथा सात अगस्त को भी कई हिस्सों में झमाझम बौछारें पड़ने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहने की भविष्यवाणी की गई है।
अनवरत गिर रहे पानी के कारण पर्वतीय अंचलों में भूस्खलन का खतरा विकराल रूप ले चुका है। आपदा प्रबंधन तंत्र से मिली जानकारी के अनुसार यमुनोत्री, गंगोत्री तथा मिलम मार्ग समेत प्रदेशभर में लगभग 81 सड़कें अवरुद्ध हो चुकी हैं, जिनमें कई ग्रामीण और सीमावर्ती मार्ग शामिल हैं। इन अवरोधों को हटाने के लिए मशीनरी युद्धस्तर पर जुटी हुई है।
इस बीच उफनती नदियों के तेवर डराने लगे हैं, जिसके चलते रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर सोमवार भोर को खतरे के मुहाने यानी चेतावनी रेखा को छू गया। स्थानीय प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर के जरिए तटीय बस्तियों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।
सहायक नदियों जैसे मंदाकिनी का जलस्तर अभी नियंत्रण में है, किंतु पिछले चौबीस घंटों में हुई झमाझम बौछार से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। कई आंतरिक मार्ग भी मलबे की चपेट में आकर ठप पड़े हुए हैं।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं स्थानीय बाशिंदों से अपील की है कि वे खराब मौसम के इस दौर में पूरी सतर्कता बरतें और सरकारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
















