गाजियाबाद, 03 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र स्थित ऑफिसर सिटी-टू सोसाइटी में उस वक्त कोहराम मच गया जब वहां रहने वाली एक महिला मनोचिकित्सक डॉ. हेमिका अग्रवाल ने रविवार की संझवा के समय पांचवी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। गंभीर रूप से जख्मी हालत में उन्हें फौरन नजदीकी यशोदा अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उपचार के दौरान आधी रात को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस सुरक्षित रखवा दिया है।
आवासीय सोसाइटी के लोगों ने नम आंखों से बताया कि मृतका डॉ. हेमिका बेहद नेकदिल, सरल और मिलनसार व्यक्तित्व की धनी थीं। वे अक्सर आसपास के लोगों को तनावमुक्त और खुशहाल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया करती थीं।
कई मर्तबा परिसर के निवासी अपनी मानसिक उलझनों को लेकर उनके पास सलाह मशविरा करने पहुंच जाते थे, और वे बिना किसी प्रकार की फीस या परामर्श शुल्क लिए उनका मार्गदर्शन करती थीं। उनके इस अचानक और असमय निधन से पूरी सोसाइटी स्तब्ध और शोक में डूबी हुई है। लोगों का कहना है कि वे बेहद संवेदनशील और मुसीबत में मदद करने वाली चिकित्सक थीं।
पति से कानूनी अलगाव के बाद वे इसी सोसाइटी के एफ टावर की पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट में जीवन व्यतीत कर रही थीं। वे विभिन्न निजी अस्पतालों में जाकर जरूरतमंद मरीजों का इलाज करती थीं। उनके पिता डॉ. आर चंद्रा स्वयं एक प्रतिष्ठित वरिष्ठ मनोचिकित्सक हैं, जिनका गाजियाबाद बस अड्डे के समीप क्लिनिक संचालित होता है।
















