कानपुर, 03 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में टीकाकरण अभियान के तहत स्वास्थ्य महकमे ने यह हुंकार भरी है कि इस विशेष अभियान की जद से कोई भी पात्र बच्चा अछूता नहीं रहना चाहिए। शिक्षण संस्थानों, मदरसों के प्रबंधकों, गुरुजनों और पालकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर पात्र बालक को जीवनरक्षक टीका अवश्य मिले।
यह सख्त और प्रेरणादायी बातें सोमवार को छावनी परिषद स्कूल फेथफुलगंज के प्रांगण में स्कूल आधारित टीडी-डीपीटी टीकाकरण के भव्य शुभारंभ सत्र के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा कहीं गईं। जनपद भर में आगामी तीन से सात अगस्त तक इस विशेष अभियान का श्रीगणेश किया गया है। इसके अंतर्गत कक्षा पांच से बारह तक की कक्षाओं में अध्ययनरत लगभग साठ हजार विद्यार्थियों को टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी घातक बीमारियों से सुरक्षा कवच प्रदान करने के वास्ते टीके लगाए जाएंगे। जिलाधिकारी ने एक मेधावी छात्रा को टीका लगवाकर इस महती योजना का औपचारिक आगाज किया।
प्रशासनिक मुखिया ने बल देते हुए कहा कि शैशवावस्था से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के नियमित टीकों के पश्चात पांच, दस और सोलह वर्ष की उम्र पर दिए जाने वाले बूस्टर डोज भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टीका पूर्णतया सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथा सर्वथा निःशुल्क है, जिसकी सुलभता हर जरूरतमंद बालक तक पहुंचाना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह अभियान महानगर के तमाम सरकारी, अनुदानित, निजी विद्यालयों और मदरसों में पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के तहत संचालित किया जाएगा। उन्होंने चेताया कि इन बीमारियों से बचाव का एकमात्र अचूक अस्त्र समयबद्ध टीकाकरण ही है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.पी. यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम की सफलता के लिए शिक्षा महकमे के साथ बेहतर तालमेल बिठाया गया है ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य को भेदा जा सके। सभी अभिभावकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि पर अपने पाल्यों को स्कूल जरूर भेजें।
स्वास्थ्य महकमे के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है। किसी भी प्रकार की सहायता या मार्गदर्शन के लिए कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। लोग किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क साध सकते हैं। इस समारोह के अवसर पर स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी, कर्मचारी तथा शिक्षण अमला पूरी निष्ठा के साथ मौजूद रहा।
















