भुवनेश्वर, 6 अगस्त।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तहत शुक्रवार को भुवनेश्वर में आयोजित होने वाली 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी भाग लेंगे। बैठक के दौरान प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार, शैक्षणिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता तथा अकादमिक नेतृत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सदस्य देशों के बीच चर्चा होगी।
इससे पहले 5 अगस्त को भुवनेश्वर में तीसरी ब्रिक्स वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों ब्राज़ील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ईरान, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का प्रमुख उद्देश्य ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की प्रस्तावित घोषणा के मसौदे पर विस्तृत विचार-विमर्श करना रहा। सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने दस्तावेज़ की समीक्षा करते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए और शिक्षा मंत्रियों की बैठक में रखे जाने वाले प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनाने की दिशा में चर्चा की।
विचार-विमर्श के दौरान तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, सहयोगात्मक अनुसंधान एवं नवाचार, पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों के मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा अकादमिक सहयोग को और मजबूत बनाने से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस किया गया।
बैठक में संस्थागत तंत्र को अधिक सशक्त बनाने, शोध और अकादमिक सहयोग का विस्तार करने, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा क्षमता निर्माण संबंधी पहलों को मजबूती देने पर भी जोर दिया गया। सदस्य देशों ने समावेशी, लचीली और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए परस्पर सहयोग और नवाचार को आवश्यक बताया।
बैठक के समापन पर ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की घोषणा के प्रस्तावित परिणामों को अंतिम रूप दिया गया। वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों की इस बैठक को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के दौरान शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
















