नई दिल्ली, 06 अगस्त।
भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल के उस बयान को भ्रामक करार दिया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर एटीएफ में एथेनॉल मिलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। मालवीय ने स्पष्ट किया कि सरकार ने एटीएफ में सामान्य एथेनॉल मिश्रित करने की कोई घोषणा नहीं की है, बल्कि सतत विमानन ईंधन को नियामकीय व्यवस्था का हिस्सा बनाया है।
उन्होंने एक्स पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सतत विमानन ईंधन सामान्य एथेनॉल नहीं, बल्कि उन्नत तकनीक से विकसित विमानन-ग्रेड ईंधन है। इसकी रासायनिक संरचना पारंपरिक एटीएफ के समान होती है और यह विमान के इंजनों के साथ पूरी तरह अनुकूल माना जाता है।
मालवीय ने कहा कि किसी भी विमान में उपयोग की अनुमति मिलने से पहले सतत विमानन ईंधन का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य एएसटीएम मानकों के अनुरूप कड़ा परीक्षण और प्रमाणन किया जाता है। इन मानकों को आईसीएओ भी मान्यता देता है। सरकार के अनुसार, इससे विमानन ईंधन की मूल प्रकृति, सुरक्षा या प्रदर्शन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता।
उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विमानन मानकों के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। आईसीएओ के कॉर्सिया ढांचे और कई प्रमुख विमानन बाजार उत्सर्जन घटाने के उद्देश्य से प्रमाणित सतत विमानन ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमाणित सतत विमानन ईंधन की तुलना सामान्य एथेनॉल को जेट ईंधन में मिलाने से करना तथ्यात्मक रूप से गलत है और इससे विमानन सुरक्षा को लेकर अनावश्यक आशंका पैदा होती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर दावा किया था कि केंद्र सरकार एटीएफ में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। उन्होंने कुछ विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा था कि ऐसा कदम उड़ानों की सुरक्षा से समझौता कर सकता है।














