वाशिंगटन, 06 अगस्त।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर उड़ान भर रहे सैन्य हेलीकॉप्टर मरीन वन के बेहद करीब एक यात्री विमान पहुंच जाने से वाशिंगटन के हवाई क्षेत्र में कुछ समय के लिए चिंता की स्थिति बन गई। घटना के बाद संघीय विमानन प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने हवाई यातायात नियंत्रण व्यवस्था को लेकर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मरीन वन और एनवॉय एयर के एम्ब्रेयर ई170 यात्री विमान के बीच दूरी एक मील से भी कम रह गई थी। अधिकारियों का कहना है कि रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट के टावर के साथ संचार स्पष्ट नहीं होने के कारण हवाई यातायात नियंत्रकों को आसपास मौजूद विमानों को समय रहते हटाने में देरी हुई। यह घटना दोपहर करीब 2:30 बजे हुई, जब ट्रंप लॉस एंजिल्स की यात्रा के पहले चरण में व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रयूज के लिए रवाना हुए थे।
उड़ान से पहले की ऑडियो रिकॉर्डिंग के अनुसार, मरीन वन के चालक दल ने नेशनल एयरपोर्ट टावर को तीन बार यह सूचना देने का प्रयास किया कि हेलीकॉप्टर तीन मिनट में उड़ान भरने वाला है। माना जा रहा है कि यह संदेश नियंत्रकों तक स्पष्ट रूप से नहीं पहुंच सका और हेलीकॉप्टर आगे बढ़ गया। इसी दौरान वह एनवॉय एयर के यात्री विमान के हवाई मार्ग के निकट पहुंच गया। इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ाई क्योंकि पिछले वर्ष 29 जनवरी को इसी हवाई क्षेत्र में एक सैन्य हेलीकॉप्टर और यात्री विमान की टक्कर में 69 लोगों की मौत हो चुकी थी।
विमानन मामलों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक, मरीन वन और यात्री विमान के बीच क्षैतिज दूरी 0.8 मील तथा ऊर्ध्वाधर दूरी 700 फीट दर्ज की गई। सामान्य परिस्थितियों में 1.5 मील की क्षैतिज दूरी या 500 फीट की ऊर्ध्वाधर दूरी के मानकों का विशेष महत्व होता है, हालांकि यह हवाई क्षेत्र और विमान के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि मरीन वन का संचालन दुनिया के सबसे अनुभवी पायलट करते हैं और राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर पूरा भरोसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ समय के लिए दूरी कम होने के बावजूद राष्ट्रपति को किसी प्रकार का खतरा नहीं था। साथ ही उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
संघीय विमानन प्रशासन की प्रवक्ता कैसेंड्रा नोलन ने भी कहा कि शुरुआती सुरक्षा मूल्यांकन में राष्ट्रपति के लिए किसी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता कैप्टन जैकब एम. सुग ने इस उड़ान को सामान्य बताया और घटना से जुड़े अन्य सवालों पर टिप्पणी नहीं की।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, एनवॉय एयर का यात्री विमान मंगलवार दोपहर 2:18 बजे रीगन नेशनल एयरपोर्ट से निर्धारित समय से 34 मिनट की देरी से रवाना हुआ और दोपहर 2:34 बजे हवा में था। दूसरी ओर, मरीन वन ने ट्रंप को जॉइंट बेस एंड्रयूज ले जाने के लिए दोपहर 2:33 बजे व्हाइट हाउस के पास स्थित एलिप्स क्षेत्र से उड़ान भरी। यात्री विमान बाद में दोपहर 3:33 बजे पेन्साकोला पहुंच गया।
















