खरगोन, 06 अगस्त।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ऐतिहासिक महेश्वर नगर स्थित प्रसिद्ध अहिल्या घाट पर गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पचपन वर्षीय एक महिला ने किले की अस्सी फीट ऊंची प्राचीर से नीचे छलांग लगा दी। इस भीषण हादसे में गंभीर चोटें लगने के कारण उस महिला की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों द्वारा मना किए जाने के बावजूद उसने इस आत्मघाती कदम को अंजाम दिया, जिससे महकमे में हड़कंप मच गया है।
यह दुर्घटना अहिल्या घाट पर सुबह साढ़े नौ बजे के आसपास घटी। चश्मदीदों और सुरक्षा गार्डों के मुताबिक, जब यह महिला किले के प्रतिबंधित और खतरनाक हिस्से की तरफ जा रही थी, तब वहां तैनात संतरी ने उसे ऐसा करने से रोक दिया था। परंतु कुछ देर बाद वह शातिर तरीके से दूसरे रास्ते से होकर दोबारा किले की ऊंची दीवार पर जा पहुंची और बिना कुछ सोचे-समझे नीचे कूद गई। अत्यधिक ऊंचाई से सीधे पक्के घाट पर जा गिरने की वजह से उसकी सांसें मौके पर ही थम गईं, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस हृदयविदारक दुर्घटना की खबर मिलते ही महेश्वर थाने की पुलिस फौरन हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की शिनाख्त लक्ष्मीबाई (उम्र पचपन वर्ष), पत्नी हरभजन सिंह, निवासी अंबेडकर वार्ड महेश्वर के रूप में की गई है। इस दुखद हादसे की सूचना मिलते ही मृतका के पुत्र और पुत्री रोते-बिलखते बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के वास्ते भिजवा दिया है।
आखिर किन विकट परिस्थितियों के चलते इस महिला ने यह खौफनाक कदम उठाया, इसका अभी तक कोई पुख्ता खुलासा नहीं हो पाया है। महेश्वर की पुलिस ने परिजनों और चश्मदीदों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का ऐसा कहना है कि परिजनों से गहन पूछताछ और पूरी जांच मुकम्मल होने के बाद ही आत्महत्या के इन असली कारणों का पर्दाफाश हो सकेगा।















