रांची, 6 अगस्त।
जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी 13वें सत्याग्रह और आमरण अनशन के बीच छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो देशभर से जेन-जी ग्रुप के युवा झारखंड पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि वह अनशन के दौरान पानी तक ग्रहण नहीं कर रहे हैं।
महेंद्र मंडल ने कहा कि वह वर्ष 2014 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और जेएसएससी-सीजीएल जैसी परीक्षाएं कई बार दे चुके हैं। उनके अनुसार वर्ष 2025-26 की भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर धांधली हुई, जिसके विरोध में वह आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे और स्वास्थ्य खराब होने की स्थिति में भी अस्पताल नहीं जाएंगे। यदि आंदोलन के दौरान किसी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है और मांगें फिर भी नहीं मानी जाती हैं, तो जेन-जी ग्रुप के युवा झारखंड पहुंचेंगे।
सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर उन्होंने कहा कि सीआईडी जांच में 14 पदाधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन अब सरकार को जेपीएससी और जेएसएससी में सुधार की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध नहीं है, उन्हें बनाए रखते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही दो महीने के भीतर सुधार संबंधी घोषणा, 14वीं जेपीएससी परीक्षा पर तत्काल निर्णय और अभय तिवारी से जुड़े मामलों की सीबीआई अथवा अन्य उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
स्वास्थ्य संबंधी सवाल पर महेंद्र मंडल ने कहा कि चिकित्सकों को उनकी स्थिति की जानकारी सरकार तक पहुंचानी चाहिए, ताकि समय रहते निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक वह अनशन से नहीं हटेंगे।
कथित अनियमितताओं के साक्ष्यों पर उन्होंने कहा कि आंदोलन की कोर कमेटी के पास कई दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के कारण उन्हें पूरी प्रक्रिया की जानकारी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनके दिए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है तो निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए भी वे तैयार हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं या अपने प्रतिनिधिमंडल को अनशन स्थल भेजकर आंदोलनकारियों से बातचीत करें। उन्होंने दोहराया कि उनकी प्रमुख मांगों में 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करना, सुधार लागू करना, पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, अभय तिवारी जैसे आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और लंबित परीक्षाओं के लिए नया कैलेंडर या पारदर्शी तरीके से पुराने कैलेंडर के अनुसार परीक्षा कराने की घोषणा शामिल है।
आंदोलन के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका पर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में झारखंड के युवाओं का आंदोलन और मजबूत होगा। उनका कहना था कि यदि किसी छात्र-अभ्यर्थी के साथ कोई घटना होती है तो देशभर से जेन-जी ग्रुप के युवा झारखंड पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करेंगे। उन्होंने सरकार से समय रहते आंदोलन की गंभीरता को समझते हुए उचित निर्णय लेने की अपील की।















