हरिद्वार, 06 अगस्त।
धर्मनगरी हरिद्वार में अनवरत बरस रहे मेघों के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। शहर के तमाम मोहल्लों में जलभराव की गंभीर समस्या आन खड़ी हुई है, जबकि भीमगोड़ा बैराज के पास गंगा का जलस्तर उछाल मारते हुए 292.75 मीटर तक जा पहुंचा है, जो खतरे के 293 मीटर वाले निशान से महज पच्चीस सेंटीमीटर की दूरी पर है। हालांकि प्रशासन ने हालात पूरी तरह काबू में होने का दावा करते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है।
इस मूसलाधार वर्षा के बीच भी कांवड़ यात्रा अपनी पूरी आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ अनवरत जारी है। हजारों की तादाद में पहुंचे शिवभक्त “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारे लगाते हुए कांवड़ पटरी और राजमार्ग से होकर अपने गंतव्य की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। लगातार बारिश बरसने के फलस्वरूप भगत सिंह चौक, रानीपुर मोड़, कनखल और लाटोवाली समेत कई इलाकों में पानी भर जाने से आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। नगर निगम का अमला मोटरों और पंपों की सहायता से पानी की निकासी युद्धस्तर पर कराने में जुटा हुआ है।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन क्षेत्रों में जलभराव हुआ है, वहां तुरंत कर्मचारियों को लगाकर पानी बाहर निकाला जा रहा है। दूसरी तरफ, पहाड़ी आंचलों में हुई अत्यधिक बरसात के कारण नदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की वजह से भीमगोड़ा बैराज पर जलस्तर लगातार ऊपर चढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन लगातार पानी के इस बहाव पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने तमाम अधिकारियों को गंगा के जलस्तर पर सतत निगरानी रखने, निचले इलाकों में विशेष चौकसी बरतने तथा आपदा प्रबंधन, सिंचाई महकमे और पुलिस को किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के वास्ते पूरी तरह मुस्तैद रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आम जनता से यह अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के तटों की ओर बिल्कुल न जाएं।
इस पवित्र कांवड़ मेले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन की टीमें हाईवे, कांवड़ मार्ग और घाटों पर लगातार मुस्तैद हैं ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में कोई बाधा उत्पन्न न हो।















