नई दिल्ली, 15 सितंबर।
15 अक्टूबर से चुनिंदा व्यापारिक श्रेणियों में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर शुल्क व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत ऐसे लेनदेन पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट लिया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा।
2,000 रुपये तक के ग्राहकों से व्यापारियों को किए जाने वाले यूपीआई भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। रुपे डेबिट कार्ड के जरिए होने वाले ऐसे भुगतान भी मुफ्त रहेंगे। व्यक्तियों के बीच होने वाले सभी यूपीआई लेनदेन पर भी कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
छोटे व्यापारियों को यूपीआई क्यूआर के माध्यम से अपने बैंक खाते में हर महीने एक लाख रुपये तक का भुगतान बिना मर्चेंट डिस्काउंट रेट के प्राप्त करने की सुविधा जारी रहेगी। छोटे कारोबारियों के लिए अलग फंड भी बनाया जाएगा, जिसका उपयोग मौजूदा व्यापारियों और छोटे शहरों व बाजारों में डिजिटल भुगतान ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा।
रेलवे, दूरसंचार सेवाओं, बीमा और ईंधन जैसी चुनिंदा व्यापारिक श्रेणियों में 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रति लेनदेन पांच रुपये का निश्चित मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होगा। संशोधित शुल्क दर क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और डिजिटल वॉलेट सहित कई अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों की तुलना में कम रहेगी।
यूपीआई की शुरुआत 25 अगस्त 2016 को हुई थी। वित्त वर्ष 2016-17 में इसका लेनदेन मूल्य 0.07 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब 314 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस दौरान लेनदेन मूल्य में चार हजार गुना से अधिक की वृद्धि हुई।
यूपीआई का संचालन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम करता है। यह भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल है। यूपीआई के जरिए लोग तुरंत एक-दूसरे को भुगतान करने के साथ खरीदारी के समय सीधे व्यापारियों को भी राशि भेज सकते हैं।
यूपीआई अब 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। इनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया, यूनान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में कहा था कि उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि भविष्य में शुल्क केवल व्यापारिक लेनदेन की कुछ विशेष श्रेणियों पर लागू होगा। सड़क किनारे की दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों को किए जाने वाले छोटे भुगतान भी मुफ्त रहेंगे।
















