वडोदरा, 23 सितंबर।
युवाओं की क्षमता और देश के विकास को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वास जताया है कि भारत वर्ष 2047 से पहले ही एक विकसित राष्ट्र बन जाएगा। वडोदरा स्थित द महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के 75वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब उसका उपयोग समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए किया जाए।
समारोह के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने आधुनिक समय में हो रहे तकनीकी बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के दौर की कई जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए बहुविषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने 12,600 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं और 160 मेधावी छात्रों को कुल 201 स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी सभी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दीं। अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आईं राष्ट्रपति आज वडोदरा में ब्रह्मकुमारीज के 'ग्लोबल स्पिरिचुअल पैलेस रिट्रीट सेंटर' का उद्घाटन करने के साथ-साथ 'स्पिरिचुअल अवेकनिंग फॉर वर्ल्ड रिन्यूअल' और 'यूथ फॉर विकसित भारत' अभियानों की भी शुरुआत करेंगी।
















