इंदौर, 19 सितंबर।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें संस्करण को संबोधित किया। आईडीए ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में 20 से 25 हजार युवाओं के पहुंचने का दावा किया गया। करीब 60 मिनट के संवाद में राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ विषय पर छात्रों से बातचीत की और शिक्षा, रोजगार तथा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए।
छात्रों के साथ सवाल-जवाब के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि विद्यार्थी सवाल पूछें। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से ऐसी मानसिकता तैयार की जाती है, जिसमें लोग सवाल करने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है, हालांकि कुछ मामलों में उम्मीदवारों की भी गलती होती है। इस पर कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने कहा, “सर, हम सिस्टम से हार गए।”
कार्यक्रम में युवाओं की संख्या और उनके राजनीतिक महत्व से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे गए। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 में देश में 15 से 29 वर्ष की आयु के करीब 36.74 करोड़ युवा हैं, जो कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल मतदाताओं में 18 से 29 वर्ष के मतदाताओं की हिस्सेदारी 22.78 प्रतिशत थी।
पीएलएफएस 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, 15 से 29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर 9.9 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 8.3 और शहरी क्षेत्रों में 13.6 प्रतिशत थी। पुरुषों में दर 9.3 और महिलाओं में 11.3 प्रतिशत बताई गई।
कार्यक्रम में पीएचडी छात्रा सुरभि सिंह ने छात्रवृत्ति में देरी और शिक्षा बजट से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने शिक्षा के मौजूदा हालात में सुधार की जरूरत बताई।
राजगढ़ की छात्रा सपना गुर्जर ने सरकार पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मार्च 2019 में कांग्रेस सरकार ने आरक्षण को 14 प्रतिशत बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था और यह पूरे प्रदेश में लागू है। सपना के अनुसार, सरकार बदलने के बाद भाजपा सरकार ने 13 प्रतिशत पदों पर न्यायालय का हवाला देकर नियुक्तियां रोक दीं। उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों से करीब 10 हजार पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं।
सपना ने कहा कि इन लंबित नियुक्तियों का असर लंबे समय से अभ्यर्थियों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले में समाधान की मांग की।
















