न्यूयॉर्क, 22 सितंबर।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन की शुरुआत अमेरिका की घरेलू उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए की। इसके बाद उन्होंने ईरान, यूक्रेन, वेनेजुएला, क्यूबा, ग्रीनलैंड, नाटो और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी सरकार का रुख सामने रखा।
ट्रंप ने आव्रजन नीति का जिक्र करते हुए दावा किया कि अमेरिका की दक्षिणी सीमा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुई है। उन्होंने कर कटौती, शेयर बाजार और अपराध से जुड़े आंकड़ों को भी अपनी सरकार के कामकाज के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया।
ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने इस साल शुरू किए गए अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका ने कार्रवाई की। ट्रंप ने तेहरान को समझौते का विकल्प देते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका की ओर से कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।
यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ मिलकर संघर्ष समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब हत्या रोकने का समय है। ट्रंप ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर रूस पर नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
लैटिन अमेरिका के संदर्भ में ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई और कैरेबियन तथा प्रशांत क्षेत्र में संदिग्ध मादक पदार्थ तस्करी में शामिल नौकाओं के खिलाफ अमेरिकी हमलों का बचाव किया। क्यूबा को लेकर उन्होंने वहां बुनियादी बदलाव लाने की अपनी सरकार की नीति दोहराई।
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर ट्रंप ने डेनमार्क के साथ हुए नए समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके तहत अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगा और दो बड़े सैन्य अड्डे बनाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विषय पर ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर इसके नियमन के प्रयासों का विरोध किया। उन्होंने इसे सुपर इंटेलिजेंस कहने की वकालत करते हुए कहा कि अमेरिका इस क्षेत्र में चीन से आगे है और इस बढ़त को बनाए रखना चाहता है।
संबोधन के अंत में ट्रंप ने दुनिया के नेताओं से भय और संदेह के बजाय निर्णायक कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य दुनिया को अधिक सुरक्षित और बेहतर बनाना है।
















