बालाघाट, 15 सितंबर।
मध्य प्रदेश के बालाघाट में उपचार में देरी के बीच आदिवासी बच्चों की मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं और कुपोषण की स्थिति पर जवाब मांगा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने मंगलवार को बालाघाट पहुंचकर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
पटवारी ने सवाल उठाया कि यदि गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं तो बीमार बच्चों को समय पर उपचार क्यों नहीं मिला। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
पटवारी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि चार गांवों में 6,431 बच्चों की जांच में 1,049 बच्चे कुपोषित मिले। वहीं 1,21,892 बच्चों की पोषण जांच में 3,741 बच्चे अति-कुपोषित और 15,588 बच्चे सामान्य कुपोषित पाए गए।
कांग्रेस ने कहा कि कुपोषण से निपटने वाली योजनाओं के प्रभाव की समीक्षा जरूरी है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यह मुद्दा विधानसभा और सड़क दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा।
















