पुष्कर, 15 सितंबर।
तीर्थनगरी पुष्कर में यहूदी समुदाय का तीन दिवसीय नववर्ष पर्व रोश हशनाह मंगलवार को सामूहिक प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ। इजराइल से आए करीब 100 पर्यटकों ने धर्मगुरु की मौजूदगी में जयपुर घाट पहुंचकर सूर्यास्त के समय विशेष प्रार्थना की।
पुष्कर स्थित यहूदी धार्मिक स्थल खबाद हाउस से सभी पर्यटक जुलूस के रूप में जयपुर घाट पहुंचे। सूर्यास्त के दौरान घाट पर सामूहिक प्रार्थना की गई। इसमें दुनिया में शांति, भाईचारे और सुख-समृद्धि की कामना की गई।
खबाद हाउस के प्रबंधक हनुमानप्रसाद बाकोलिया ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी रोश हशनाह धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ मनाया गया। पर्व के दौरान इजराइल से आए पर्यटकों ने धर्मगुरु सिमशोन गोडस्ट्रीन और उनके परिवार के साथ धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इस दौरान टोरा ग्रंथ का पाठ, सामूहिक प्रार्थना सहित अन्य धार्मिक परंपराएं निभाई गईं। उन्होंने बताया कि पर्व लोगों को एक-दूसरे का सम्मान करने, जरूरतमंदों की सहायता करने और प्रेम व भाईचारे के साथ रहने का संदेश देता है। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी गई।
रोश हशनाह का शुभारंभ खबाद हाउस में धर्मगुरु द्वारा भेड़ के सींग से बने पारंपरिक धार्मिक वाद्य यंत्र शोफार बजाने के साथ हुआ था। समापन पर जयपुर घाट में भी प्रार्थना के प्रतीक के रूप में शोफार बजाया गया। धर्मगुरु के परिवार के बच्चों ने पीले झंडे लेकर कार्यक्रम में भाग लिया।
















